मेघालय में इंदौर के राजा रघुवंशी की कातिल पत्नी सोनम निकली ।

मेघालय में राजा रघुवंशी की मर्डर मिस्ट्री की पूरी कहानी

राजा रघुवंशी और सोनम
राजा रघुवंशी और सोनम

11 मई 2025 इंदौर में राजा और सोनम रघुवंशी की शादी संपन्न हुई।
20 मई 2025 दोनों ने हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग रवाना होने के साथ यात्रा शुरू की।
23 मई 2025 कोनराड चेरापूंजी के नोंग्रियाट गांव के “लिविंग रूट ब्रिज” देखने के बाद अचानक वे लापता हो गए।

🔍 खोजबीन और शुरुआती सुराग

24 मई उनकी किराए की स्कूटी सड़क किनारे मिली, चाबी अंदर ही थी।
2 जून राष्ट्रीय एनडीआरएफ की ड्रोन टीम ने वई सॉडोंग झरने के पास राजा का शव गहरे घाट में पाया।
शव पहचान राजा की आंख और हाथ पर बने ‘राजा’ टैटू से हुई, जबकि सोनम का पता नहीं लग पाया।

जांच में नया मोड़
SIT का गठन किया गया और हर्बर्ट खारकोंगोर को टीम का नेतृत्व असाइन किया गया ।
एक स्थानीय गाइड ने बताया कि 23 मई को उन्होंने राजा–सोनम के साथ तीन अज्ञात पुरुषों को देखा था।
शव के पास डाओ (पारंपरिक चाकू), महिला की शर्ट, स्मार्टवॉच और टूटी मोबाइल स्क्रीन बरामद हुई।

🔪 हत्या की पुष्टि
9 जून 2025 मेघालय पुलिस ने राजा की तेजधार हथियार से हत्या होने की पुष्टि की।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटें दर्ज की गईं ।

आरोपी गिरफ्तार

आरोपी राज कुशवाहा
आरोपी राज कुशवाहा

सोनम ने 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे से आत्मसमर्पण किया ।
उसके तुरंत बाद राज कुशवाहा, विषाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत को गिरफ्तार कर लिया गया, जिन पर हत्या के लिए सोनम ने उन्हें हायर किया था ।
राज कुशवाहा पर सोनम का प्रेम संबंध होने का संदेह जताया जा रहा है; पुलिस ने दोनों को साज़िश में शामिल बताकर गिरफ्तार किया।

💔 संदिग्धों के बयान और मोड़
सोनम के घरवालों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्हें फंसाया जा रहा है; वहीं राजा के परिवार ने “मृत्युदंड” की माँग की है ।
मेघालय सरकार और मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने पुलिस की जांच विधिवत रफ्तार से आगे बढ़ने की सराहना की।

🧭 तथ्य जो साबित करते है हत्या पीछे सोनम ही है ।
राजा रघुवंशी की माँ के अनुसार सोनम ने ही आसाम में कामाख्या देवी के दर्शन के लिए टिकट बुक की थी लेकिन वापसी की टिकट बुक नहीं की। उनका प्रोग्राम पहले शिलांग जाने का था ही नहीं तो वह लोग शिलांग कैसे पहुंचे।
सोनम ने राजा को सोने की चेन पहने रहने के लिए भी बोला।
मेघालय से 1100 किलोमीटर दूर सोनम कैसे पहुंची गाजीपुर।
कैमरा रिकॉर्डिंग के अनुसार सोनम लगातार अपने दोस्तों को अपनी लोकेशन शेयर कर रही थी और फ़ोन पर चैट कर रही थी ।

🧩 निष्कर्ष
यह मामला हनीमून आनंद से डरावनी साजिश की ओर कैसे बदल गया — इसका एक गहरा और कठिन सच सामने आया है।
शुरुआती तोड़–तोड़ की जाँच एवं स्थानीय गाइड की गवाही नया रौशनी लेकर आई।
राजा की निर्दय हत्या, हथियार की बरामदगी और प्रेम-संबंध की गुत्थी ने इस मिस्ट्री को एक तार्किक दिशा दी।
परिवार और समाज दोनों का न्याय की माँग अभी जारी है।
सोनम को अंदाज़ा नहीं था की यह मामला इतना हाई प्रोफाइल हो जाएगा की देश गृह मंत्री , MP के मुख्यमंत्री तक इस केस को सुलझाने में लग जायेंगे।
और बात मेघालय पुलिस के सम्मान पर आ गयी थी।

किसी ने सही कहा है जब पुलिस पीछे लगती है तो भागने के लिए धरती कम पड़ जाती है।

और सोनम को जब लगने लगा की वह अब बच नहीं सकती तो उसने सरेंडर केर दिया।
इस प्रकार, हनीमून यात्रा का रोमांच खौफ़ में बदल गया जो खुद हत्या की साज़िश रची, वहीं सच्चाई दलाली के रूप में सामने आई। अगले चरण में अदालत में साक्ष्य और सुनवाई निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

🔜 अगली स्टेप्स

CBI जांच की माँग हो सकती है।
फरार आरोपी की खोज जारी रहेगी।
फोरेंसिक रिपोर्ट, फोन रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज केस का निर्धारण करेंगे।

 

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