इसराइल और ईरान के बीच युद्ध क्यों हो रहा है

इसराइल और ईरान के बीच युद्ध क्यों हो रहा है

इसराइल और ईरान के बीच युद्ध
इसराइल और ईरान के बीच युद्ध

इसराइल और ईरान के बीच युद्ध कोई अचानक से हुआ झगड़ा नहीं है बल्कि बहुत पुराने समय से चली आ रही दुश्मनी है जो इस युद्ध का कारण है।

ऐतिहासिक कारण जो इस युद्ध के लिए जिम्मेदार हैं।
ईरान में पहले मोहम्मद रज़ा शाह पहलवी का शासन था यह ईरानी क्रांति (1979) से पहले का समय था जब ईरान और इसराइल आपस में सहयोगी भी हुआ करते थे।

बाद में1979 के आसपास की बात है ईरानी क्रांति के बाद ईरान एक पूर्ण रूप से इस्लामिक देश बन गया जिसने बाद में इसराइल को मानने से इनकार कर दिया और इसराइल को छोटा शैतान घोषित कर दिया।

ईरान हिजबुल्ला और हमास का समर्थक है।
ईरान ने लेबनान में हिजबुल्ला और गाजा में हमास जैसे संगठनों का समर्थन किया जो कि दोनों ही इजरायल के कट्टर दुश्मन हैं।

ईरान का परमाणु सम्म्पन होना इसराइल को पसंद नहीं।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के ऊपर अमेरिका ने 2015 से पहले प्रतिबंध लगा रखा था लेकिन 2018 में अमेरिका ने वह प्रबंध वापस हटा दिया उसे इसराइल को चिंता बड़ी कि ईरान परमाणु संपन्न राष्ट्रीय होकर इजरायल के अस्तित्व के लिए बहुत बड़ा खतरा बन सकता है।
12 जून 2025 तक संयुक्त राष्ट्रीय के परमाणु निगरानी संस्थान ने पुष्टि की ईरान परमाणु सुरक्षा उपायों का उल्लंघन कर रहा है उसके ठीक 1 दिन बाद 13 जून को इसराइल ने ईरान के परमाणु और आर्मी स्थलों पर हवाई हमले शुरू कर दिए और ऐसी जगह को निशाना बनाना शुरू किया जिससे परमाणु सेंटरों पर जाने वाले रास्ते बंद होते हैं।

इसराइल के द्वारा ईरान के परमाणु संस्थानों पर हमला
13 जून को इसराइल ने ईरान के अंदर हवाई हमला करके ईरान के परमाणु संस्थानों को नुकसान पहुंचा और ईरान के सुरक्षा बलों और वैज्ञानिकों को मार गिराया जिससे कि इराक भड़क गया और वह भी युद्ध का जवाब देने के लिए तैयार हो गया।

बेंजामिन नेतन्याहू की सोच।
इजरायल ईरान युद्ध के लिए बेंजामिन नेतन्याहू की सोच भी जिम्मेदार है नितनेम लंबे समय से यही सोच रहे हैं या उन्हें लगता है कि ईरान इजरायल के लिए खतरा है बेजामिन नेतन्याहू को लगता है कि अमेरिका खासकर ट्रंप सरकार युद्ध में इजराइल का पूर्ण रूप से सपोर्ट करेंगे और अमेरिका भी इस युद्ध में कूदेगा।

ईरान का पलटवार।
ईरान सैन्य शक्ति के मामले में किसी भी रूप से इसराइल से काम नहीं है और यह सभी को पता है वह भी एक परमाणु संपन्न राष्ट्र है इसराइल के हवाई हमले लोग का ईरान ने भरपूर और अच्छे से जवाब दिया है।
इसराइल को लगता था उनके पास मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम है वह ईरानी हमले के आगे फेल होकर रह गया है।

इसराइल और ईरान के बीच युद्ध
इसराइल और ईरान के बीच युद्ध

युद्ध के परिणाम।
इस युद्ध में किसी की जीत नहीं होगी थोड़े दिन यह युद्ध चलेगा उसके बाद बंद हो जाएगा अमेरिका अपना स्वार्थ सिद्ध कर रहा है अपने हथियार बेचने के लिए ईरान के तेल उत्पादक क्षेत्र को नष्ट करके क्रूड ऑयल के क्षेत्र में अपना हक़ जमाने के लिए ।
लेकिन इस युद्ध का एक दूसरा परिणाम होगा जिसमें कई निर्दोष नागरिक दोनों ही देश के मारे जाएंगे कई सैनिक मारे जाएंगे जिनको मजबूरी में युद्ध लड़ना पड़ रहा है दोनों ही देश की आर्थिक संपत्ति को नुकसान पहुंचेगा।

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